नई दिल्ली, 12 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ब्लू लाइन की पुरानी ट्रेनों के मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट (नवीनीकरण) की शुरुआत की है। इस पहल के तहत पुरानी ट्रेनों को आधुनिक तकनीक और नई सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि वे मौजूदा मानकों के अनुरूप बनी रहें।

डीएमआरसी द्वारा रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत रेड और ब्लू लाइन की कुल 70 ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जा रहा है। पहले चरण में 12 ट्रेनें, दूसरे चरण में 18 ट्रेनें पहले ही नवीनीकरण के बाद सेवा में शामिल की जा चुकी हैं, जबकि जल्द ही अन्य ट्रेनों पर काम शुरू होगा। तीसरे चरण में 22 ब्लू लाइन ट्रेनों का नवीनीकरण नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
डीएमआरसी के मुताबिक ये ट्रेनें वर्ष 2002 से 2007 के बीच शामिल की गई थीं और लगभग 19 से 24 साल की सेवा पूरी कर चुकी हैं। अब इन्हें आधुनिक सिस्टम और सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार ने तीसरे चरण की पहली नवीनीकृत ट्रेन का रविवार को निरीक्षण भी किया, जिसे यात्री सेवा में शामिल कर दिया गया है। अब तक कुल 31 ट्रेनों का नवीनीकरण किया जा चुका है।
नवीनीकरण के तहत ट्रेनों के अंदरूनी हिस्सों और तकनीकी सिस्टम में बड़े बदलाव किए गए हैं। कोच और ड्राइवर केबिन को नए सिरे से पेंट किया गया है और पुराने हिस्सों को ठीक किया गया है। इलेक्ट्रिकल पैनल को भी अपग्रेड कर उनकी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाई गई है।
डीएमआरसी के अनुसार यात्रियों को बेहतर जानकारी देने के लिए आधुनिक आईपी आधारित पैसेंजर अनाउंसमेंट और इंफॉर्मेशन सिस्टम (पीए-पीआईएस), सीसीटीवी कैमरे और एलसीडी आधारित डायनामिक रूट मैप लगाए गए हैं। ये सिस्टम यात्रियों को रीयल टाइम में रूट, समय और अगले स्टेशन की जानकारी देंगे, साथ ही आपात स्थिति में यात्रियों और ट्रेन ऑपरेटर के बीच संवाद भी संभव होगा।
वहीं सुरक्षा के लिहाज से हर कोच में नए फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं, जिनमें धुआं और तापमान पहचानने वाले सेंसर शामिल हैं। इसके अलावा पुराने इलेक्ट्रिकल उपकरणों को बदलकर आधुनिक यूनिट लगाए गए हैं। डीएमआरसी के अनुसार यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट भी उपलब्ध कराए गए हैं। डीएमआरसी का कहना है कि इस पहल के जरिए पुरानी ट्रेनों को नई ट्रेनों के समान स्तर पर लाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
