सूरजपुर, 02 फ़रवरी (हि.स.)। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सूरजपुर जिले में प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को लेकर अहम पहल की गई है। जिला प्रशासन ने सूरजपुर जिले के छह विकासखंडों की चार ग्राम पंचायतों में स्थापित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रोसेसिंग इकाइयों (पीडब्लूएमयू) के संचालन के लिए इच्छुक रीसाइक्लर्स, फर्मों एवं थर्ड पार्टी एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

इच्छुक आवेदकों को अपनी रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) मोहरबंद लिफाफे में निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा करनी होगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 5 फरवरी 2026 तय की गई है, जबकि दोपहर 12 बजे तक ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तिथि और समय के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्लास्टिक प्रोसेसिंग इकाइयों के संचालन से जुड़ी सभी नियम एवं शर्तों की विस्तृत जानकारी जिला पंचायत सूरजपुर के सूचना पटल पर उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक पक्ष जिले की आधिकारिक वेबसाइट https://surajpur.nic.in पर जाकर भी दिशा-निर्देश और आवश्यक विवरण देख सकते हैं। जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह
