कानपुर, 18 मार्च (हि.स.)। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की झूठी सूचना देकर दहशत फैलाने वाले आरोपित को जीआरपी ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। करीब 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने उसे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया सिटी साइड से दबोचा।

मामला 27 फरवरी का है, जब एक अज्ञात कॉलर ने फर्जी नाम से सूचना दी थी कि स्टेशन पर बम रखा गया है और शाम सात बजे ट्रेन उड़ाने की साजिश रची जा रही है। सूचना मिलते ही रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थीं और व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया था। हालांकि जांच में सूचना फर्जी निकली, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
प्रभारी निरीक्षक जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में पांच टीमों का गठन किया गया। टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार पड़ताल करते हुए 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और आरोपित की पहचान सुनिश्चित की।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान अरशद अली निवासी बेगमपुरवा, थाना बाबूपुरवा के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने फर्जी नाम “अनिल कुमार” से कॉल कर झूठी सूचना दी थी। उसने बताया कि बाद में फोन बंद कर सिम कार्ड फेंक दिया था, जबकि मोबाइल अपने पास रख लिया ताकि भविष्य में भी इस तरह की हरकत कर सके।
आरोपित के खिलाफ धारा 351(4) बीएनएस (यदि धमकी देने वाला व्यक्ति अपना नाम या अपने रहने वाली जगह का पता छिपाकर आपको धमकाना) के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही उसका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, धमकी और फर्जी सूचना से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं।
शातिर द्वारा जानबूझकर झूठी सूचना देकर दहशत फैलाने का प्रयास किया गया था। उसे गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने समन्वय के साथ काम करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
