उरई, 25 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक सेवानिवृत्त शिक्षक कल्याण परिषद के बैनर तले सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जालाैन के जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। परिषद ने कहा है कि वर्षों से लगातार मांग करने के बावजूद सेवानिवृत्त शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति कैशलेस चिकित्सा सुविधा से वंचित रखा जा रहा है।

संगठन संयोजक राधारमण गोस्वामी ने बताया कि विगत कई वर्षों से यह मांग वित्त मंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री के माध्यम से उठाई जाती रही है, लेकिन यह कहकर मांग को टाल दिया गया कि राज्य कर्मचारियों को सेवा अवधि में यह सुविधा प्राप्त होती है, इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें यह लाभ दिया जाता है, जबकि प्राथमिक शिक्षक इस सुविधा से वंचित हैं।
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बताया कि 5 सितंबर 2025 शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं अशासकीय शिक्षकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की गई थी। इस घोषणा के बाद सेवानिवृत्त शिक्षकों में भी उम्मीद जगी थी कि उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। हालांकि, शासनादेश जारी होने के बाद सेवानिवृत्त शिक्षकों को इस सुविधा से बाहर रखे जाने पर नाराजगी जताई गई। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और जल्द ही राहत प्रदान करेगी। इस संबंध में परिषद ने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा
