सोनीपत, 25 फ़रवरी (हि.स.)। सोनीपत

में पहली हाइड्रोजन रेल का आगमन बुधवार को हुआ। यह ट्रेन जींद जंक्शन से प्रारम्भ चलकर

सोनीपत आई रेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में रेल
परीक्षण के दौरान इसकी गति, ब्रेक प्रणाली, ईंधन खपत, संकेत व्यवस्था और सुरक्षा मानकों
का सूक्ष्म निरीक्षण किया जा रहा है।
जानकारी
के अनुसार सुबह से ही तकनीकी दल तैयारियों में जुटा रहा। बुधवार सुबह यार्ड से बाहर
निकाला गया। सुरक्षा कारणों से प्रारम्भ में इसे डीजल इंजन की सहायता से हांसी मार्ग
पुल के नीचे तक लाया गया। इसके बाद रेल जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए रवाना हुई। परीक्षण
के दौरान इसे जींद से पिंडारा और भम्भेवा स्टेशन तक चलाकर परखा जा रहा है।
अधिकारियों
ने बताया कि परीक्षण के लिए रेल में सीमित मात्रा में हाइड्रोजन गैस भरी गई है। आगे
डीजल इंजन को अलग कर रेल को पूर्ण रूप से हाइड्रोजन गैस पर चलाकर देखा जाएगा। तकनीकी
दल इंजन की गति, ब्रेक प्रणाली, ईंधन की खपत तथा संकेत व्यवस्था के समन्वय का परीक्षण
कर रहा है।
उल्लेखनीय
है कि यह रेल एक जनवरी को जींद पहुंची थी, किन्तु तकनीकी कारणों से परीक्षण में विलम्ब
हुआ। अत्यधिक ठंड के कारण गैस में नमी आ गई थी, जिससे ईंधन भरने में समस्या उत्पन्न
हुई। पांच जनवरी को लखनऊ से तार व्यवस्था का सामान पहुंचने के बाद तकनीशियन लगातार
कमियों को दूर करने में लगे रहे। यदि
परीक्षण सफल रहता है तो जींद-सोनीपत रेल मार्ग पर इस आधुनिक रेल सेवा के नियमित संचालन
को शीघ्र स्वीकृति मिल सकती है। यह रेल लगभग नब्बे किलोमीटर की दूरी लगभग एक घंटे में
तय करेगी तथा इसकी अधिकतम गति एक सौ चालीस किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह सेवा पूर्णतः
प्रदूषण रहित मानी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना
