गुमला, 21 अप्रैल (हि.स.)। जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत आदिम जनजाति बहुल हड़ुप रिसापाठ गांव में बन रहे विद्यालय भवन के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और घटिया गुणवत्ता की बात सामने आई आई हैै।

मंगलवार को इस मुद्दे पर ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जिसमें पूरे गांव के लोगों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामसभा के बाद ग्रामीण सीधे निर्माण स्थल पर पहुंचे और कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। लोगों ने देखा कि भवन की दीवारों और बीम में पहले से ही दरारें पड़ चुकी हैं, जबकि निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है।
आरोप है कि संवेदक की ओर से बेहद घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और निर्माण मानकों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि निर्माण के बाद पानी का पटान (क्योरिंग) सही तरीके से नहीं किया जा रहा है , जिससे भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि यह भवन बच्चों के भविष्य से जुड़ा है, लेकिन इसमें भ्रष्टाचार और लापरवाही साफ नजर आ रही है। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। उन्होंने गुमला उपायुक्त से तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / हरि ॐ सुधांशु सुधांशु
