चंडीगढ़, 28 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट से पहले प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मंथन बैठक करने का फैसला किया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री सुबह से शाम तक लगातार आठ बैठकों में 17 प्रमुख विभागों की गहन समीक्षा करेंगे।

यह मैराथन बैठकें 2025-26 के बजट की दिशा और प्राथमिकताएं तय करने में निर्णायक मानी जा रही हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ कर दिया है कि अब बजट खर्च सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा। बैठक में प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को दिसंबर 2025 तक हुए खर्च, लंबित योजनाओं और जमीनी प्रगति का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करना होगा।

मुख्यमंत्री यह भी जानेंगे कि जो बजट खर्च नहीं हो पाया, उसकी वजह क्या रही – प्रशासनिक ढिलाई, तकनीकी अड़चन या लीडरशिप की कमी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही सांसदों-विधायकों, उद्योगपतियों, किसानों, खिलाडिय़ों और सामाजिक संगठनों से प्री-बजट संवाद कर चुके हैं। अब उन्हीं सुझावों के आधार पर विभागों से पूछा जाएगा कि वे जनता की अपेक्षाओं पर कितने खरे उतरे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री इस बार बजट में केवल बड़े आवंटन नहीं, बल्कि बेहतर परिणाम देने वाले विभागों को प्राथमिकता देंगे। जो योजनाएं कागजों तक सीमित रहीं, उन पर सवाल उठेंगे, जबकि जमीनी बदलाव लाने वाली योजनाओं को अतिरिक्त बल मिल सकता है। इस उच्चस्तरीय समीक्षा में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन, आयुष, महिला एवं बाल विकास, सिंचाई एवं जल संसाधन, शहरी स्थानीय निकाय, पंचायती राज, खनन एवं भू-विज्ञान, लोक निर्माण (बीएंडआर), लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सहकारिता, खनन, जेल, विरासत एवं पर्यटन सहित कई विभागों की बारी-बारी से समीक्षा होगी। हर विभाग को यह साबित करना होगा कि उसके बजट का सीधा फायदा आम जनता तक पहुंचा है। बैठकों में संबंधित विभागों के अधिकारियों के अलावा मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
