चंडीगढ़, 14 मार्च (हि.स.)। नायब सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब घर बैठे एक महीने के वेतन के बदले एलटीसी का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्य सचिव कार्यालय के मानव संसाधन विभाग की ओर से एलटीसी के नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों का हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने विरोध जताते हुए इसे कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया।

मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, 1 जनवरी 2028 से कर्मचारियां को एलटीसी का लाभ लेने के लिए वास्तव में यात्रा करनी होगी, यानी यह सुविधा पूरी तरह खत्म हो जाएगी और वास्तव में यात्रा करने वाले कर्मियों को ही इसका लाभ मिलेगा। जारी अधिसूचना के मुताबिक वर्ष 2009 में जारी निर्देशों के तहत कर्मचारियों को घर बैठे एक महीने के वेतन के बराबर राशि एलटीसी के विकल्प के रूप में लेने की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को वापस लेते हुए स्पष्ट हिदायत दी गई है कि पहली जनवरी 2028 से एलटीसी का लाभ केवल यात्रा करने पर ही मिलेगा।
नए निर्देशों के मुताबिक राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी, बोर्ड-निगम और विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी तथा अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी भी इस बदलाव के दायरे में आएंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के पेंशनरों के लिए भी 1 जनवरी 2028 से एक महीने की पेंशन के बराबर राशि एलटीसीके बदले लेने की सुविधा बंद कर दी जाएगी। इसके स्थान पर उन्हें होम टाउन या देश के किसी अन्य स्थान की यात्रा कर एलटीसी का लाभ लेने के लिए संशोधित निर्देश जारी किए जाएंगे। वहीं आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-टू के तहत लगे कर्मचारियों और हारट्रॉन के माध्यम से तैनात कर्मियों पर भी पहले जारी स्पष्टीकरण 1 जनवरी 2028 से प्रभावहीन माने जाएंगे।
सरकार का तर्क है कि इस फैसले से एलटीसी योजना का मूल उद्देश्य कर्मचारियों को यात्रा के लिए प्रोत्साहित करना सुनिश्चित होगा। अब कर्मचारियों को एलटीसी का लाभ लेने के लिए वास्तव में यात्रा करनी होगी। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसेसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंधु ने सरकार द्वारा एलटीसी के बदले एक माह के वेतन विकल्प को समाप्त करने के फैसले को कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया। हसला सरकार के फैसले का कड़ा विरोध करती है। प्रदेशभर में शिक्षक और अन्य कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एलटीसी के बदले एक माह के वेतन का विकल्प उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत थी, जोकि पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य कारणों से यात्रा नहीं कर पाते थे। इस सुविधा को समाप्त करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। हसला ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करते हुए एलटीसी के बदले एक माह के वेतन विकल्प पहले की तरह जारी रखने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
