चंडीगढ़, 25 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा की नायब सरकार ने निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में ही बेहतर सुविधाएं देने का खाका तैयार किया है। पीएमश्री (प्राइम मिनिस्टर स्कूल्स ऑफ राइजिंग इंडिया) की तर्ज पर अब हरियाणा में सीएमश्री यानी चीफ मिनिस्टर स्कूल्स ऑफ राइजिंग इंडिया के तहत स्कूल स्थापित किए जाएंगे। ये सभी इंग्लिश मीडियम होंगे और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होंगे।

इतना ही नहीं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए इन स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें रिजर्व होंगी। यानी 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी।

बाकी सीटों पर भी निजी स्कूलों के मुकाबले काफी कम फीस होगी। बुधवार को विधानसभा में शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने यह घोषणा की।
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 (एनईपी-2020) में इस तरह के प्रावधान किए हैं।
केंद्र की योजना के तहत पहले चरण में हरियाणा में 124 पीएमश्री स्कूल स्थापित किए गए। वहीं दूसरे चरण के 128 स्कूलों को मिलाकर इनकी संख्या 252 तक पहुंची। आने वाले दिनों में पीएमश्री स्कूलों में भी बढ़ोतरी होगी और सीएमश्री नाम ने भी स्कूल स्थापित होंगे। नये स्कूल स्थापित करने की बजाय सरकार पहले से चल रही सरकारी स्कूलों को ही अपग्रेड करके उन्हें पीएमश्री और सीएमश्री का रूप देगी।
हालांकि, अपग्रेड होने के बाद सभी स्कूल भिवानी बोर्ड की बजाय सीबीएसई से संबद्ध होंगे। मोदी सरकार ने देशभर में 14,500 पीएमश्री स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया हुआ है।
समालखा से भाजपा विधायक मनमोहन भड़ाना ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चों का एडमिशन नहीं होने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें गरीबों के लिए आरक्षित होने के बाद भी स्कूल इस पर अमल नहीं करते। उन्होंने आंकड़े भी सदन में रखे।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि निजी स्कूलों को खाली सीटों का ब्यौरा सार्वजनिक करना होता है। उल्लघंन करने वाले कई स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
