-राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए जारी किए निर्देश

-राजनीतिक दलों को भी देना होगा स्पष्टीकरण, तभी मान्य होगा आवेदन
चंडीगढ़, 06 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने पंचायत चुनाव के संबंध में अहम निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को भी अपराधिक मामलों की जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। पहले यह नियम नगर पालिकाओं व अन्य चुनावों में लागू होते थे। राज्य चुनाव आयुक्त देवेन्द्र सिंह कल्याण ने सोमवार को स्पष्ट किया है कि जिन उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं या जो पहले किसी मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं, उन्हें अब अपनी स्थिति सार्वजनिक रूप से घोषित करनी होगी।
निर्देशों के अनुसार, ऐसे उम्मीदवारों को अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी प्रकाशित करानी होगी। यह घोषणा नाम वापसी की अंतिम तिथि के अगले दिन से लेकर मतदान से दो दिन पहले तक कम से कम तीन बार अलग-अलग तिथियों पर प्रकाशित की जाएगी।
राज्य चुनाव आयुक्त देवेन्द्र सिंह ने कहा है कि उम्मीदवारों को स्थानीय टीवी चैनलों या केबल नेटवर्क पर भी अपने आपराधिक मामलों की जानकारी प्रसारित करनी होगी। यह प्रक्रिया मतदान समाप्त होने के निर्धारित समय से कम से कम 48 घंटे पहले पूरी करनी अनिवार्य होगी। आयोग ने राजनीतिक दलों के लिए भी सख्त नियम तय किए हैं। यदि कोई मान्यता प्राप्त या पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल ऐसे उम्मीदवार को टिकट देता है, तो उसे यह सार्वजनिक करना होगा कि उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामले होने की जानकारी पार्टी को दी गई है। साथ ही, दलों को अपनी वेबसाइट, स्थानीय चैनलों और अखबारों के माध्यम से इस संबंध में घोषणा प्रकाशित करानी होगी।
राज्य चुनाव आयुक्त के अनुसार राजनीतिक दलों को संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को एक रिपोर्ट भी सौंपनी होगी, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। इसके साथ ही, प्रकाशित घोषणाओं की अखबारी कटिंग भी रिपोर्ट में संलग्न करनी होगी। यह पूरी प्रक्रिया चुनाव संपन्न होने के 30 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश आगामी सभी पंचायत आम और उपचुनावों पर समान रूप से लागू होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
