झाड़ग्राम, 24 फरवरी (हि.स.)। जंगलमहल इलाको में झाड़ियों से घिरे गांवों में हाथियों के आने-जाने का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके, झाड़ग्राम जिले के लवकुश गांव में वर्षो से आंगनवाड़ी (आईसीडीएस) केंद्र खुले आकाश के नीचे संचालित हो रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, स्थायी भवन न होने के कारण बच्चों के माता-पिता उन्हें वर्षा और गर्मी में केंद्र भेजने से डरते हैं। इसके चलते कई परिवार बच्चे को घर पर ही रखकर टिफिन बॉक्स लेकर आंगनवाड़ी केंद्र आते हैं। केंद्र में 28 बच्चे और चार गर्भवती महिलायें हैं।

शिक्षिका देबराती सहिस ने बताया कि अन्य केंद्रों में भवन, रसोई और शौचालय मौजूद हैं, लेकिन हमारे केंद्र में कुछ भी नहीं है। बच्चों की सुरक्षा और हाथियों के डर को देखते हुए स्थायी भवन की आवश्यकता अत्यंत जरूरी है।
मंगलवार आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम अधिकारी तापस कुमार मंडल ने कहा कि यदि ग्रामीण दो कट्ठा भूमि केंद्र के लिए उपलब्ध करायें, तो छह माह के अंदर आधुनिक भवन तैयार किया जा सकता है।
झाड़ग्राम ब्लॉक तृणमूल अध्यक्ष नरेन महातो ने भी केंद्र के भवन निर्माण के लिए जमीन देने की तैयारी व्यक्त की है।
केंद्र के अभिभावकों का कहना है कि हाथियों के भय और भवन की कमी के कारण बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
