शिमला, 14 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से स्कूलों में शारीरिक शिक्षा शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी राहत आई है। प्रदेश सरकार ने 870 फिजिकल एजुकेशन टीचर (पीईटी) के पद भरने को मंजूरी दे दी है। यह भर्ती जॉब ट्रेनी योजना के तहत की जाएगी और इससे स्कूलों में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

राज्य सरकार के अवर सचिव की ओर से इस संबंध में स्कूल शिक्षा निदेशक को पत्र जारी कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में 870 पीईटी पदों को भरने की अनुमति दी गई है और भर्ती प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाया जाए। इन पदों पर नियुक्तियां प्रचलित भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार की जाएंगी।
सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह भर्तियां जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत की जाएंगी। इन पदों पर नियुक्त होने वाले शिक्षकों को फिक्स मासिक मानदेय दिया जाएगा। प्रत्येक शारीरिक शिक्षक को हर महीने 21,500 रुपये का मानदेय मिलेगा। हालांकि यह नियुक्तियां नियमित पदों की तरह नहीं होंगी, बल्कि जॉब ट्रेनी व्यवस्था के तहत होंगी।
भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय को सौंपी गई है। निदेशालय को कहा गया है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अगले वित्तीय वर्ष के दौरान इन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
सरकारी पत्र में यह भी साफ किया गया है कि यह फैसला प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों और राज्य सरकार की नई जॉब ट्रेनी योजना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लंबे समय से पीईटी भर्ती की मांग उठ रही थी और कई अभ्यर्थी अदालत का दरवाजा भी खटखटा चुके थे। ऐसे में अब सरकार के इस फैसले को युवाओं के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में पिछले कुछ समय से शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की कमी बनी हुई है। इसका असर स्कूलों में खेल गतिविधियों और बच्चों के शारीरिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों पर भी पड़ रहा था। ऐसे में 870 पदों को भरने से शिक्षा विभाग को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
