भीख नहीं किताब दो संस्था की ओर से खोला गया

प्रशिक्षण केन्द्र

हिसार, 16 फरवरी (हि.स.)। भीख नहीं किताब दो
संस्था की ओर से जरुरतमंद बच्चों को समाज में सिर ऊंचा करके जीना सिखाने की दिशा में
किये जा रहे प्रयासों की कड़ी में संस्था ने अब रॉयल मेकरेम के सहयोग से गांव आर्य
नगर में स्वाभिमान प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया है।
भीख नहीं किताब दो संस्था की संचालक अनु चिनिया
ने साेमवार काे बताया कि यह कदम उन बच्चियों को स्वावलंबी बनाने के लिए उठाया गया है जो भीख मांगती
है और कबाड़ बीनने का काम करती हैं। प्रशिक्षण केंद्र में संस्था टीम के सदस्य और रॉयल
मेकरेम की संचालिका रेणुका जाखड़ द्वारा बालिकाओं को प्रशिक्षित करने के साथ-साथ उन्हें
काम भी दिलवाया जाएगा, ताकि वे स्वाभिमान से जी सके, उन्हें समाज में सम्मान मिल सके।
आर्य नगर स्थित चार्विक इंटरप्राइजेज के स्वामी और संस्था के मार्गदर्शक रिटायर्ड प्रिंसिपल
राजिंद्र जाखड़ ने इस पुनीत कार्य के लिए अपना भवन नि:शुल्क उपलब्ध करवाया है।
केंद्र
का शुभारंभ लाडली चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक अनिल सिंगला ने मुख्य अतिथि के रुप में
उपस्थित होकर किया व अपनी ओर से प्रशिक्षण केंद्र में तीन सिलाई मशीनें भेंट की तथा
मेकरेम आर्ट का मैटेरियल भी जल्द ही उपलब्ध करवाने को कहा। इसके अलावा प्रशिक्षण केंद्र
के लिए हर समय अपना सहयोग देने की घोषणा की। अध्यक्षता गांव के सरपंच रतन सिंह ने की।
इससे पूर्व पतंजलि योग समिति से पहुंचे वीरेंद्र
बड़ाला ने हवन यज्ञ कर पावन कार्य की शुरुआत की। इस अवसर पर संस्था के महासचिव सुरेश
पूनिया, पवन कुमार, डॉ. संदीप कल्याणा, अर्चना ठकराल, रेणुका, रवि, अंकुर आदि के अलावा
बच्चे और उनके अभिभावक भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
