
हिसार, 26 फरवरी (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु

चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) की ओर से आयोजित अंतर-विभागीय क्रिकेट

टूर्नामेंट का भव्य एवं ऐतिहासिक समापन उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना के साथ हुआ। कुलपति
डॉ. विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में छात्र कल्याण निदेशक की ओर से करवाई गई यह
प्रतियोगिता लगभग एक माह तक चली इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय की 10 टीमों ने भाग
लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, समर्पण तथा उत्कृष्ट खेल कौशल
का शानदार प्रदर्शन किया।
टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला पीजी टीम और नॉन-टीचिंग
टीम के बीच खेला गया। मैच का निर्णय आखिरी गेंद पर हुआ, जब पीजी टीम को जीत के लिए
दो रनों की आवश्यकता थी। मैदान पर तनाव और उत्साह चरम पर था। अंतिम गेंद पर बल्लेबाजों
ने साहस, धैर्य और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए आवश्यक रन पूरे किए और टीम को विजेता
बना दिया। इस यादगार जीत के साथ पीजी टीम ने चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि नॉन-टीचिंग
टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का गौरव प्राप्त किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट
प्रदर्शन के लिए डॉ. विनय चहल को मैन ऑफ द मैच तथा डॉ. मनोज घनघस को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
घोषित किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत प्रो.
सुशील खरींटा रहे, जो सामाजिक संस्था हमारा प्यार हिसार के संस्थापक सदस्य हैं। यह
संस्था पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समस्याओं के समाधान तथा निःशुल्क पुस्तकालय संचालन
जैसे सराहनीय कार्यों में निरंतर सक्रिय है। अपने संबोधन में प्रो. खरींटा ने बताया
कि संस्था की शुरुआत मात्र 12 सदस्यों के साथ हुई थी और आज इसमें 150 से अधिक सदस्य
समाज सेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को समाज के प्रति
अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जिस समाज में हम रहते हैं,
उसके उत्थान के लिए हमें भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण
संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने की अपील की।
इस अवसर पर छात्र कल्याण निदेशक डॉ. संदीप कुमार,
सहायक छात्र कल्याण निदेशक (खेल) डॉ. यशवंत सिंह, क्रिकेट अध्यक्ष डॉ. सतबीर शर्मा,
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. निलेश सिंधु, डॉ. तरुण सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, पदक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर
