जींद, 06 फ़रवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को रोडवेज ट्रैफिक मैनेजर (टीएम) से मुलाकात की और परिवहन समिति बसों में छात्र बस पास की अनुमति या रियायती किराया लागू करने की मांग की।

एबीवीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने बताया कि हरियाणा रोडवेज द्वारा जारी छात्र बस पास की वैधता को लेकर माननीय न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण जिले के हजारों छात्र व छात्राओं को प्रतिदिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एबीवीपी ने इस विषय को गंभीर सामाजिक एवं मानवीय मुद्दा बताते हुए निजी बस संचालकों से छात्रों को अस्थायी राहत देने की अपील की है। वर्तमान में कई रूटों पर हरियाणा रोडवेज की बसें पर्याप्त संख्या में संचालित नही हो रही हैं। जिसके कारण विद्यार्थियों को मजबूरी में निजी बसों या निजी साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी बसों में छात्र बस पास मान्य न होने से छात्रों को प्रतिदिन 150 से 200 रुपये तक किराया देना पड़ रहा है। जो कि निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक गंभीर आर्थिक बोझ बन चुका है।
जिले के अनेक छात्र व छात्राएं आर्थिक असमर्थता के कारण नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं। जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह समस्या और भी विकट रूप ले चुकी है। एबीवीपी जींद विश्वविद्यालय प्रधान सतविंदर ढिल्लो ने बताया कि निजी बस एसोसिएशन से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की अपील करते हुए कहा कि जब तक माननीय न्यायालय का अंतिम निर्णय अथवा सरकार द्वारा कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नही हो जाता तब तक छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोई अस्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों की अनदेखी होने पर विद्यार्थी परिषद आगे जनहित में आंदोलनात्मक कदम उठाने को विवश होगी। इस मौके पर अमित सैनी, इशांत, मयंक बंसल, अभिषेक, नवीन कुंडू आदि एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा
