मेदिनीपुर, 14 मार्च (हि.स)। राज्य के प्रमुख समुद्री पर्यटन स्थलों में शामिल दीघा में रसोई गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण पर्यटन उद्योग पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। गैस की कमी के बीच कालाबाजारी बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे होटल और रेस्तरां संचालकों की चिंता बढ़ गई है।

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाएं समाप्त होने के बाद तथा आगामी ईद की छुट्टियों को देखते हुए दीघा और मंदारमणि के समुद्र तटों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी है। इन इलाकों में पर्यटकों के भोजन के लिए बड़ी संख्या में होटल और रेस्तरां मौजूद हैं, जिनकी आय का मुख्य स्रोत पर्यटक ही हैं लेकिन गैस आपूर्ति में बाधा आने से इन व्यवसायों के सामने संचालन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
बताया गया है कि कुछ दिनों तक आपूर्ति बंद रहने के बाद गुरुवार से घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति तो शुरू हुई है, लेकिन अभी तक व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। इससे पर्यटन से जुड़े लोगों की चिंता और बढ़ गई है। गैस एजेंसियों का भी कहना है कि व्यावसायिक सिलेंडर कब तक सामान्य रूप से उपलब्ध होंगे, यह स्पष्ट नहीं है।
होटल और रेस्तरां संचालकों का आरोप है कि स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग कालाबाजारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि करीब 1800 रुपये का सिलेंडर खुले बाजार में तीन से चार हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दीघा, मंदारमणि, ताजपुर और शंकरपुर को मिलाकर यहां हजार से अधिक छोटे-बड़े होटल और लॉज हैं। इसके अलावा सैकड़ों भोजनालय, टिफिन सेंटर और चाय की दुकानें भी संचालित होती हैं। अधिकांश होटलों में अपना रेस्तरां भी है, इसलिए गैस संकट का सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
होटल मालिकों का कहना है कि यदि एक-दो दिन में गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उन्हें होटल या रेस्तरां बंद करने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिससे पर्यटन सीजन के बीच बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
