जगदलपुर, 20 मार्च (हि.स.)। बस्तर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में पीएमश्री स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के आदेशानुसार इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोंडागांव और बस्तर जिले के कुल 35 शिक्षक प्रतिभागियों के रूप में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ करते हुए संस्थान के प्राचार्य नितिन डडसेना ने पीएम श्री योजना की विस्तृत अवधारणा और इसके दूरगामी उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि नई शिक्षा नीति का इन स्कूलों में पूर्णतः क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के अन्य विद्यालय इनसे प्रेरणा लेकर शिक्षा के स्तर में सुधार कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा के विभिन्न आधुनिक पहलुओं पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। जहां श्रीमती संध्या श्रीवास्तव ने शिक्षकों को नेतृत्व, प्रबंधन, अनुभव आधारित शिक्षा और ब्लूप्रिंट की बारीकियों से अवगत कराया, वहीं सतीश शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण और वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा की। पुस्तकालय प्रबंधन के महत्व पर तनय घोष ने विचार रखे, तो विश्वमोहन मिश्रा ने पीएम योजना के 6 प्रमुख स्तंभों और विद्यालयीन वातावरण निर्माण पर विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही घनश्याम यादव ने नई शिक्षा नीति, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा और शिक्षा के अधिकार जैसे नीतिगत विषयों पर प्रकाश डाला। डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए अंजलि यादव ने शैक्षिक तकनीकी और श्रीमती स्नेहलता बंजारी ने विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में दक्षता निर्माण पर शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संयोजन डाइट बस्तर के पीएमश्री प्रभारी चन्द्रकान्त पानीग्राही द्वारा किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नई नीतियों से लैस करना है, जिससे वे अपने विद्यालयों में छात्रों को वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे
