जम्मू, 15 अप्रैल (हि.स.)। महावीर इंटरनेशनल जम्मू सेंटर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून, 2023) का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन की सचिव रजनी जैन ने कहा कि यह अधिनियम भारत के लोकतांत्रिक सफर में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आया है। उन्होंने बताया कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी महिलाएं हैं लेकिन संसद में उनकी भागीदारी करीब 14 प्रतिशत ही है। ऐसे में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण इस असंतुलन को दूर करेगा।

वीरा मोना जैन ने कहा कि दशकों से महिलाएं विधायी संस्थाओं में कम प्रतिनिधित्व के कारण पीछे रही हैं लेकिन यह कानून उनकी आवाज को मजबूत करेगा। वहीं वीरा लीना जैन ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। वीरा ऋचा जैन ने इसे “मील का पत्थर” करार देते हुए कहा कि यह कानून लोकतंत्र को अधिक समावेशी और मजबूत बनाएगा।
संगठन के सदस्यों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह अधिनियम “महिला विकास” से “महिला-नेतृत्व विकास” की ओर एक बड़ा कदम है। साथ ही उन्होंने इसके समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रेस वार्ता का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि यह अधिनियम केवल एक नीति नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में एक संरचनात्मक बदलाव है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा
