जयपुर, 19 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान में पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर महत्वपूर्ण समझौते हुए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में बालोतरा स्थित राजस्थान पेट्रो जोन (आरपीजेड) में डाउनस्ट्रीम उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड रिफाइनरी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा विभिन्न उद्योगों के बीच 18 त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे, जो देश और प्रदेश के लिए ऐतिहासिक सौगात होगी। यह रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल आधारित औद्योगिक क्रांति की धुरी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रिफाइनरी से निकलने वाले डाउनस्ट्रीम उत्पादों के आधार पर सहायक उद्योगों की स्थापना के लिए राजस्थान पेट्रो जोन विकसित किया गया है। यहां उद्यमियों को सीधे कच्चा माल उपलब्ध होगा, जिससे उत्पादन लागत में कमी आएगी। इस जोन में प्लास्टिक, फार्मा और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े उद्योग स्थापित होंगे।
बालोतरा के बोरावास-कलावा क्षेत्र में 1022 हेक्टेयर में राजस्थान पेट्रो जोन विकसित किया जा रहा है।
प्रथम चरण में लगभग 30 हेक्टेयर भूमि विकसित हो चुकी है, जिसमें 86 में से 45 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। साथ ही 8 ‘प्लग एंड प्ले’ फैक्ट्री शेड्स भी तैयार किए गए हैं, जिससे निवेशक तुरंत उत्पादन शुरू कर सकें।
द्वितीय चरण में 213 हेक्टेयर क्षेत्र में 257 भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। वहीं तृतीय चरण में लगभग 780 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार प्रस्तावित है। इसके तहत रामनगर (थोब), सिंधियों की ढाणी, वेदरलाई, बोरावास विस्तार और खेमाबाबा नगर में भूमि आवंटन किया गया है। इसके अलावा जेरला में भी नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।
रिफाइनरी से प्राप्त पॉलीप्रोपाइलीन, एचडीपीई, एलएलडीपीई, बेंजीन, टोलुइन और ब्यूटाडाइन जैसे उत्पादों के आधार पर क्षेत्र में सहायक उद्योगों की स्थापना होगी। इनसे प्लास्टिक फर्नीचर, कृषि पाइप, पैकेजिंग सामग्री, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, सिंथेटिक फाइबर, मेडिकल उपकरण और रसायनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। यह परियोजना राजस्थान को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और सरल प्रक्रियाएं निवेश आकर्षित करने में सहायक होंगी।
पचपदरा रिफाइनरी और उससे जुड़ा राजस्थान पेट्रो जोन प्रदेश में औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखने जा रहा है। 18 एमओयू के साथ शुरू हुआ यह अभियान आने वाले समय में हजारों रोजगार सृजित कर राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
