लखनऊ, 14 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के नाका स्थित गुरुद्वारा में मंगलवार को पावन पर्व बैसाखी पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधान परिषद (एमएलसी) मुकेश शर्मा ने गुरुद्वारा में मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने कहा कि सिख समाज के गुरुओं का समाज के उत्थान और संरक्षण में विशेष योगदान रहा है। गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना के ऐतिहासिक और गौरवशाली परंपरा को भी याद किया।

शर्मा ने कहा कि बैसाखी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परिश्रम और एकता का प्रतीक है। किसानों, श्रमिकों एवं आम जनमानस के योगदान को सराहा और कहा कि प्रदेश सरकार निरंतर जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारे, सौहार्द और विकास की भावना को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बैसाखी का यह पावन अवसर हमें एकजुट होकर प्रदेश एवं राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय
