शिमला, 15 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ बने रहने के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और प्रदेश के कई हिस्सों में तपिश महसूस होने लगी है। राज्य के निचले इलाकों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। बीते 24 घंटों के दौरान ऊना में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन के हिसाब से काफी अधिक माना जा रहा है।

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी का रुझान जारी है। बुधवार को राज्य के औसतन न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया और यह सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान बढ़ने से सुबह और रात के समय भी हल्की गर्माहट महसूस की जा रही है। हालांकि अगले तीन-चार दिन मौसम में बदलाव आएगा और आंधी व गरज के बारिश व ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार सुबह दर्ज न्यूनतम तापमान के अनुसार लाहौल स्पीति जिला के मुख्यालय केलांग में 1.3 डिग्री, ताबो में 3.0, कुकुमसेरी में 3.5, कल्पा में 4.6, कुफरी में 7.9, सराहन में 8.8, सेओबाग में 9.8, भुंतर में 10.5, सोलन में 11.0, बरठीं में 11.4, चंबा में 11.8, मनाली में 11.9, सुंदरनगर में 12.2, शिमला में 13.4, मंडी में 13.6, पालमपुर में 14.0, ऊना में 14.6, कांगड़ा में 14.7, जुब्बड़हट्टी में 14.8, बिलासपुर में 15.0, नाहन में 15.7 तथा पांवटा साहिब और देहरा गोपीपुर में 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला और मनाली का न्यूनतम तापमान सामान्य से क्रमशः 1 व 6 डिग्री ऊपर चला गया है। इससे इन दोनों हिल स्टेशनों की रातें भी गर्म हो गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आज भी प्रदेश में मौसम साफ बना रहेगा और दिन भर धूप खिली रहेगी । हालांकि कल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 16 से 19 अप्रैल तक प्रदेश के मौसम में बदलाव आएगा। इनमें 17, 18 और 19 अप्रैल को मौसम सबसे अधिक प्रभावित रहने का अनुमान है।
17 अप्रैल को प्रदेश के कई भागों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली कड़कने का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। 18 और 19 अप्रैल को भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने का येलो अलर्ट रहेगा। इन दिनों उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के इन अलर्ट के बाद किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। बेमौसमी वर्षा और ओलावृष्टि को फसलों और फलदार पौधों के लिए नुकसानदायक माना जाता है। खासतौर पर सेब और मटर जैसी फसलों को इससे नुकसान पहुंच सकता है। इस महीने पहले भी कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से फसलों और फलों को नुकसान हो चुका है। विभाग के अनुसार अप्रैल महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
