
करगहर (रोहतास) महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में लगा रहा भक्तों का ताता। गंगाजल, बेलपत्र, भांग-धतूरा से लोगों ने पूजा अर्चना किया। मंदिर के पुजारी विमलेश मिश्रा ने बताया कि प्राचीन समय में बाबा सिद्धेश्वर नाथ की उत्पत्ति खुद से हुई है। गांव जवार के लोग बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में पूजा अर्चना कर मनोवांछित फल भी प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और पार्वती विवाह संपन्न हुआ था। यह त्यौहार उनकी वैवाहिक वर्षगांठ के रूप में भी मनाया जाता है। देवी पार्वती और शिव जी के मिलन इस उत्सव को पूरे भारत में विशेष धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग व्रत करके शिवजी की आराधना करते हैं ।श्रद्धालुओं और भक्तजनों से पूरा मंदिर परिसर पटा हुआ था। नजारा किसी मेले से कम नहीं था। मेला कम से कम 3 दिन तक चलेगा। क्या बूढ़े बच्चे जवान सभी लोगों ने मेले का आनंद उठाया। लोगों ने बाबा सिद्धेश्वर नाथ को श्रद्धा भाव के साथ किया पूजा अर्चना।