
भोपाल, 16 अप्रैल (हि.स.)। भोपाल नगर निगम परिषद ने गुरुवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर विशेष सम्मेलन आयोजित कर महिला सशक्तिकरण पर व्यापक चर्चा की। आईएसबीटी स्थित निगम मुख्यालय में हुए इस सम्मेलन में अधिनियम से संबंधित प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। हालांकि बैठक में विपक्ष की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही।

सम्मेलन में सत्तारूढ़ भाजपा के 52 पार्षद शामिल हुए, जबकि कांग्रेस के 20 में से केवल 10 पार्षद ही उपस्थित रहे। शुरुआत के समय कांग्रेस के मात्र 5 पार्षद मौजूद थे, जबकि कुछ पार्षद ‘वंदे मातरम’ के गायन के बाद बैठक में शामिल पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष साबिस्ता जकी भी वंदे मातरम के गायन के बाद पहुंचीं।
महिला सशक्तिकरण पर मंथन, प्रस्ताव पारित
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सम्मेलन की शुरुआत की। इस दौरान एमआईसी सदस्य सुषमा बाविसा ने ‘नारी शक्ति वंदन’ से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिस पर पार्षदों ने विस्तार से चर्चा की और अंततः सर्वसम्मति से इसे पारित कर दिया। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि सम्मेलन में महिला पार्षद अधिनियम पर मंथन और चर्चा दोनों ही करेंगी।
महिला अधिकारियों की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
सम्मेलन में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन की अनुपस्थिति रही। इसके अलावा, किसी भी महिला अधिकारी की मौजूदगी नहीं दिखी, जो ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे विषय के मद्देनज़र उल्लेखनीय रही।
पखवाड़े के तहत आयोजित हुआ सम्मेलन
प्रदेश में 10 से 25 अप्रैल तक ‘नारी शक्ति वंदन’ पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी क्रम में नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को विशेष सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी, अधिकारों और सशक्तिकरण पर संवाद को मजबूत करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
