रांची, 19 अप्रैल (हि.स.)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के चौधरी बगान (हरमू रोड) स्थित सेवा केन्द्र में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में वर्तमान समय में तेजी से बढ़ते डिप्रेशन और मानसिक तनाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के जीवन से मानसिक शांति धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है, जिसके कारण वे तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति की अपेक्षाएं पूरी नहीं होतीं, तो उसके भीतर नकारात्मक विचार जन्म लेने लगते हैं, जो आगे चलकर डिप्रेशन का रूप ले लेते हैं।
निर्मला बहन ने बताया कि डिप्रेशन केवल एक मानसिक स्थिति नहीं, बल्कि यह व्यक्ति की दिनचर्या, कार्यक्षमता और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। इससे व्यक्ति उदासी, बेचैनी और अकेलेपन का अनुभव करने लगता है।
उन्होंने कहा कि डिप्रेशन का समाधान केवल दवाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यक्ति की सोच और दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाना जरूरी है। इस दिशा में उन्होंने राजयोग मेडिटेशन को एक प्रभावी माध्यम बताया। उनके अनुसार, राजयोग मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से मन को शांत और स्थिर किया जा सकता है तथा व्यक्ति अपने विचारों पर नियंत्रण पाकर सकारात्मक जीवन जी सकता है।
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि सेवा केन्द्र में प्रतिदिन निशुल्क राजयोग प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके माध्यम से लोग आंतरिक शक्ति विकसित कर जीवन की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं।—————
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
